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Dry Eye Disease Treatment in Jalandhar | Dry Eye Disease explained in Hindi | Pal Hospital Eyetec Clinics & The Children Centre

Dry eye disease treatment in Jalandhar | Dry Eye Disease explained in Hindi

आंखों में सूखापन (ड्राई आई सिंड्रोम) – Dry Eye Syndrome in Hindi

आँखों का सूखापन (Dry Eyes Syndrome) एक ऐसी बीमारी है जिसमें आँसू उचित मात्रा में आँख में नहीं पहुँच पाते और आँखों में नमी कम हो जाती है। यह आँखों की बहुत ही कष्टकारक समस्या है, इस समस्या में जलन, खुजली, किरकिरापन, आँखों को हमेशा मलते रहने की जरुरत महसूस होना, आँखों से पानी निकलना, आँखों का सिकुड़ कर छोटा हो जाना ये सब लक्षण पाए जाते है।

शुरूआत में आँखों का सूखापन सोने या घरेलू उपायों से ठीक हो जाते हैं लेकिन बार-बार ये समस्या होने पर नजरअंदाज करना आँखों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर के पास जाकर आंखों का इलाज (Dry eye treatment) कराएं।

ड्राई आई सिंड्रोम होने के कारण (Causes of Dry Eyes Syndrome)

  • ज्यादा देर तक कम्प्यूटर में काम करना।
  • कॉन्टैक्ट लेंस का दीर्घकालिक प्रयोग।
  • ए.सी. में अधिक देर तक बैठना।
  • प्रदूषण के कारण।
  • दर्द निवारक, उच्च रक्तचाप एवं अवसाद दूर करने वाली दवाओं का सेवन।
  • सूजन या विकिरण से आँसू, ग्रंथियों को पहुँचा किसी प्रकार का नुकसान जिसके चलते आँसूओं के उत्पादन में कमी हो जाती है।
  • विटामिन ए की कमी।
  • बुढ़ापे के कारण, 50 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में कई बार आँसूओं का उत्पादन घट जाता है।
  • मुँहासें के इलाज के लिए प्रयोग की जाने वाली आइसोट्रेटीनियोन दवाएं।
  • इंसान की आँखों में अश्रु पर्त (Tear film) होती है। ये टियर फिल्म तीन परतों से मिलकर बनती है। इस फिल्म की सबसे अंदरुनी व महीन परत को म्यूकस लेयर कहा जाता है। आँसू पानी, सोडियम क्लोराइड, सूसन और प्रोटीन से मिल कर बनते है जिसमें पानी मुख्य रूप से मौजूद होते है।ड्राई आई सिंड्रोम में या तो आँख में आंसू कम बनने लगते है या फिर उनकी गुणवत्ता अच्छी नहीं होती। आँसू आँख के कॉर्निया एवं कन्जंक्टिवा को नम व गीला रख कर उसे शुष्कता से बचाते है। साथ ही आँसू में संक्रमण से बचाव करने वाले एंटीबैक्टेरियल पदार्थ, जैसे, लाइसोसोम्स, लैक्टोफेरीन भी मौजूद होते है।टियर फिल्म की सबसे बाहरी परत को लिपिड या ऑयली लेयर कहा जाता है। लिपिड लेयर आँसू के उड़ने या सूखने की समस्या से बचाती है और आँख की पलकों को चिकनाई प्रदान करती है, जिससे किसी इंसान को पलक झपकने में आसानी होती है।

आँखों में पलकों के अंदरूनी कोनें में जब निकासी नलिकाओं में प्रवाह होता है, जो नाक के पिछले हिस्से से निकलता है। ड्राई आईस तब होती है जब आँसू का बनना और उसकी बाहर निकलने में संतुलन नहीं हो पाता है। सूखी आँखों वाले लोग या तो पर्याप्त आँसू पैदा नहीं करते या फिर उनके आँसू खराब गुणवत्ता के होते है।

ड्राई आई सिंड्रोम के लक्षण (Symptoms of Eye Dryness)

Dry Eye Disease | Red Eye | Pal Hospital Eyetec Clinics & The Children Centre

Dry Eye Disease | Red Eye | Pal Hospital Eyetec Clinics & The Children Centre

ड्राई आई सिंड्रोम में आँखों के सूखेपन के अलावा भी बहुत सारे आम लक्षण होते हैं। चलिये इनके बारे में विस्तार से जानते हैं-

  • आँखों में सूखेपन के साथ जलन एवं खुजली होना।
  • आँखों में किरकिरापन व कुछ गिरा होने का आभास होना।
  • आंखों का धुंधलापन (Aankho ka dhundhlapan)
  • आँखों से पानी निकलना।
  • प्रकाश की असहनीयता।
  • आँखों का सिकुड़ कर छोटा हो जाना।
  • आँखों में थकान व सूजन।

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Dr. Sandeep Pal Bansal is an eye specialist in Jalandhar. He is a famous cataract eye surgeon in Jalandhar. He is a very good retina doctor. Apart from this Glaucoma is also one of his specialty.

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